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नार्थ ईस्ट बाइक एक्सपीडिशन♥️(3::अंतिम किस्त)
NI 4 me इंदौरी....
आज लगभग 300 किलोमीटर का सफ़र तय करना था शिलांग होटल से काजीरंगा होटल तक। तो यह तय किया कि होटल द्वारा दिए जानेवाले कॉम्प्लीमेंट्री नाश्ते को छोड़ा जाए और सुबह 7 बजे निकल लिया जाए। और सच में सारा सामान टेम्पो ट्रेवलर में जमा कर हमारा काफिला 7 बजे शिलांग छोड़ चुका था।
बहुत ही शानदार मौसम मिल रहा था।चारों ओर बादल छाए हुए थे और हल्की ठंडक वातावरण में व्याप्त थी।हमारे मनीष भाई का तो कहना था कि ऐसा मौसम बनवाया है ताकि बाइकिंग में मजा आ सके।रास्ते में जीवा रेस्टोरेंट में शानदार वाली चाय कॉफी पी और ठीक साढ़े दस बजे हम NI4 नामक रेस्टोरेंट में थे जो राव साहब ने हमें सुझाया था।
डोसा, सैंडविच, उत्तपम, छोला भटूरा, बिरयानी, आलू परांठा, सादा परांठा, ऑरेंज ज्यूस, कोल्ड काफी, मैंगो शेक, स्ट्राबेरी शेक, फ्रेंच फ्राइज, इडली सांभर, चिली पनीर, गुलाब जामुन आइस्क्रीम, पूरी भोजन थाली, चाय और काफ़ी याने आज इंदौरी फूल फार्म में थे और जम के सूत रहे थे अपनी अपनी पसंद के व्यंजन।सभी संतुष्ट थे कि हमने जो भी खाया वो बहुत ही बेहतरीन था। धन्यवाद NI4, धन्यवाद राव साहब🙏
RHINO के पहले दर्शन....
120किलोमीटर आ चुके थे और 170 किलोमीटर चलना और बाकी था। फोर लेन हाइवे था, ट्रैफिक ज्यादा था पर स्पीड 60 से ज्यादा नहीं थी।टारगेट था 4 बजे तक पहुंचने का, तो रास्ते में चाय पीते और एक पॉइंट पर एक सिंग वाले गैंडे RHINO को निहारते और करीब काजीरंगा पार्क के 40 किलोमीटर का सफ़र 30 किलोमीटर की निर्देशानुसार स्पीड में तय करते हम 4 बजे काजीरंगा के पानबरी मचान अपने रिसोर्ट पर थे।बहुत ही शानदार रिसोर्ट था और सब आनंदित थे। धन्यवाद मित्र भौमिक जी, धन्यवाद भट्टाचार्य जी🙏
जगनुओं का सामूहिक विवाह और हंसिनी ओ हंसिनी....
थोड़ी देर में सफर की थकान उतार फिर हम सब एकत्रित थे।मैदान में जुगनू चमक रहे थे तो आज फिर प्रोफेसर ने नई नई जानकारियां प्राणी जगत के बारे में साझा की।"जगनुओं के सामूहिक विवाह" पर भी प्रकाश डाला।फिर गीत संगीत की महफिल शुरू हो गई।ग्रुप के सदाबहार गायक तरुण भाई, मनीष भाई ने बहुत ही खूबसूरत गीतों के साथ महफिल का आगाज किया।तरुण भाई के गीत "ऐसे ना मुझे तुम देखो सीने से लगा लूंगा" पर जहां सब जोड़े उठकर नृत्य करने लगे वहीं मनीष भाई के सुमधुर गीत "हंसिनी ओ हंसिनी" पर श्वेता भाभी का एकल नृत्य तो हमेशा स्मृति पटल पर अंकित रहेगा। फिर तो गायक कलाकारों की लाइन लग गई, निशा भाभी रमेशजी, विपुल भाई, सुमन भाभी, संजय गोयल भाई, ऋतु भाभी और राजेश जी सबने खूब गीत गाए।
आज हमारे भोजन इंचार्ज राजीव जी अग्रवाल भैया भी पूरे फार्म में थे।रिसोर्ट अच्छा मिल गया था तो उन्होंने भी स्टार्टर से लेकर सूप तक और फिर मीठे में खीर तक बढ़िया मेनू तय कर तैयार करवा दिया।
हाथी की सवारी....
सुबह 6 बजे रवाना होकर 14 किलोमीटर दूर हम पहुंचे काजीरंगा वेस्टर्न साइड पर एलीफेंट सवारी के लिए। 2 लोगों को छोड़ बाकी सभी के लिए एलीफेंट सफारी का यह पहला मौका था।करीब 1 घंटे हाथी पर चार चार के ग्रुप में हम लोग जंगल में घूमते रहे।Rihno को नजदीक से देखने का यहां मौका मिला।सफारी के बाद हाथी को खूब गन्ने और केले खरीद खरीद कर सभी ने खिलाए।कुल मिलाकर एक अलग ही अनुभव रहा हाथी सफारी का।
काजीरंगा में होली....
हर बाइक एक्सपीडिशन में होली खेलना और खूब मस्ती में नच गाना करना हम लोगो का पसंदीदा शगल रहता है।महिलाएं साथ हो तो ड्रेस कोड होना लाजिमी था तो उसव्बार होली हम सब कुर्ते पैजामे में थे और संयोग यह था कि अधिकांश सफेद रंग के कुर्ते पैजामे में।स्नेह के प्रतीक सूखे गुलाल से एक दूसरे को प्रेमपूर्वक रंगकर खूब नाचते गाते खुशी मनाते त्यौहार मनाया हम सभी ने।
होली के संदर्भ में एक बात और याद आई कि कल जब हम गुवाहाटी से काजीरंगा आ रहे थे तो पूरे रास्ते गांव गांव में बड़ी ही शालीन और गरिमामय वारावरण में सामूहिक होली खेली जा रही थी।सफेद कपड़ों में डोल के साथ पूरा गांव घर घर जाकर होली खेल रहा था, बहुत अच्छा लग रहा था होली के इस सनातनी स्वरूप को देखकर।
काजीरंगा के शानदार जंगल.....
दोपहर लंच के बाद जीप सफारी के लिए काजीरंगा के ईस्टर्न साइड के जंगल घूमे।जंगलों में घुसने के पहले सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक सिफ चाय के बागान ही बागान दिखाई दे रहे थे जो आंखों के साथ साथ दिल और दिमाग को भी खुशी प्रदान कर रहे थे।घने जंगलों में करीब 3 घंटे जिप्सी ने हमें घुमाया।यहां भी बड़ी तादाद में Rihno, हिरन , बारहसिंगा, भैंसे और ढेर सारे पक्षी देखने को मिले।हम कई लोगों को शिलांग से ज्यादा हराभरा जंगल यहां काजीरंगा में महसूस हो रहा था। हाथी घांस भी बहुत थी यहां और गाइड ने बताया हाथियों के खाने के लिए नरम नर्म टहनी वाले खूब नमी वाले पौधे भी यहां थे।बहुत ही घना और खूबसूरत जंगल था।पेड़ों पर लिपटी और लटकी मोटी मोटी लताएं मोगली की याद दिला रही थी कि मोगली ऐसी ही लताओं पर लटककर अपना सफर करता होगा।
मनमोहक असमिया संस्कृति.....
आज एक के पीछे एक कार्यक्रम लगे हुए थे।जीप सफारी से आए और चाय पीकर चल दिए काजीरंगा के आर्किड पार्क में स्थानीय असमिया सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने।यह एक यादगार शाम रही।स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत असमिया वाद्य यंत्रों के आर्केस्ट्रा से लेकर बांस और बिहू नृत्य, विभिन्न त्यौहारों के अवसर पर किए जाने वाले असमिया नृत्य,खेती और पूजा के अवसर पर किए जाने वाले नृत्य सब कुछ बहुत ही शानदार थे।असमिया संस्कृति के इस स्वाद ने तो हमारे काजीरंगा प्रवास में चार चांद लगा दिए।
आर्किड पार्क के बाजार में भी महिलाओं की शॉपिंग बदस्तूर जारी थी।
होटल पर रात्रि भोजन के साथ नाच गाना और हंसी ठिठोली आज बहुत देर तक चली, सबको लग रहा था अभी तो यात्रा चालू हुई थी और इतनी जल्दी घर वापस जाने का दिन भी आ गया।
संदीपन की क्लास....
आज सुबह गुवाहाटी निकलने का समय आराम से सुबह 9 बजे का तय हुआ था तो इसका फायदा उठाया ऊर्जावान भाई संदीपन ने और दोस्तों को सुबह 7 से 8 तक व्यस्त रखा, योग, प्राणायाम, तेल मालिश और फिर स्विमिंग पूल स्नान में।इस बीच कुछ मित्र बैडमिंटन भी खेलते रहे।
अद्भुत और विशाल शिव मंदिर....
वापसी में पहला पड़ाव था महामृत्युंजय शिव मंदिर।
नगाँवमें स्थित यह मंदिर अपने स्थापत्य की दृष्टि से विशेष है क्योंकि यह एक विशाल शिवलिंग के रूप में बना है। हमें बताया गया कि 126 फुट की ऊंचाई का बना यह दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है।मंदिर बहुत ही खूबसूरत था हम करीब 12.35 पर यहां पहुंचे पर मंदिर के पट 12.30 से 1.30 तक बंद हो गए थे।समय का सदुपयोग किया और कैम्प क्लोजिंग सेरेमनी यहां संपन्न कर ली।विजयंत ग्रुप की ओर से सकुशल यात्रा हेतु मैंने परम पिता परमेश्वर का आभार ज्ञापित किया तो पहली बार ग्रुप के साथ जुड़े साथियों ने अपने विचार रखे , ग्रुप के अनुशासन की भूरी भूरी प्रशंसा की और ग्रुप के हर कैम्प/एक्सपीडिशन से जुड़ने की अपनी इच्छा बताई।एक दूसरे से गले मिलकर अच्छी स्मृतियों को साथ ले जाने का आह्वान किया गया।
मंदिर में शिवलिंग के दर्शन करते समय पुजारीजी ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी स्थान पर दैत्यगुरु शुक्राचार्य जो भगवान शिव के परम भक्त थे, ने एक बार शिवजी को प्रसन्न करने के लिये घोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें मृतसंजीवनी विद्या प्रदान की। आज हम इस विद्या को महामृत्युंजय मंत्र के नाम से जानते हैं।
एक बार फिर NI 4 पर सुताई....
भगवान शिव के दर्शन कर धन्य हुए हम लोगों का काफिला पहुंचा NI4, जैसी काजीरंगा आते समय इंदौरियों ने सुताई की थी वैसी ही अब काजीरंगा से गुवाहाटी जाते समय करी और अपने स्वाद तंतुओं को शानदार सुस्वादु व्यंजनों का इनाम दिया। इसकी प्रतिपूर्ति फिर डिनर में गुवाहाटी होटल में कड़ी खिचड़ी पापड़ खाकर करी।
मौसाजी का आशीर्वाद....
गुवाहाटी से वापसी कोलकाता एयरपोर्ट पर राजीव अग्रवाल जी की मासीजी हम सभी के लिए लंच पैकेट और रसगुल्ले लेकर आई थी।85 वर्षीय मौसीजी सबसे बहुत ही प्यार से मिली और सबको भरपूर आशीर्वाद दिया।दिल से आभार मौसीजी🙏
मोदी सरकार की नई पहल"उड़ान".....
आज फिर मोदी सरकार की एक नई पहल से रूबरू हुए कोलकाता एयरपोर्ट पर।एयरपोर्ट पर मिल रहे महंगे चाय पानी का जिक्र जब संसद में उठा तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक पायलेट प्रोजेक्ट यहां शुरू किया है।"उड़ान" के नाम से एयरपोर्ट पर एक दुकान चालू करी है जिसमें चाय 10 रुपए, काफ़ी और पानी 20 रुपए और समोसा कचोरी 20 रुपए पर उपलब्ध है तो हम सभी ने उड़ान की चाय कॉफी का आनंद लिया। धन्यवाद मोदी सरकार, यह पहल सफल हो और हर एयरपोर्ट पर "उड़ान" दुकान पहुंचे यही सरकार से अपेक्षा है।
विजयंत स्काउट ग्रुप पर ईश्वर की कृपा🙏....
यहां जब एयरपोर्ट पर गप्पे लग रहे थे तो संजय कोठारी जी बोले सर! मनीष जैन भाई कितना सच कह रहे थे कि 5-7 कपल भी अगर घूमने निकलते हैं तो कई बार विषम परिस्थितियां निर्मित हो जाती है, कभी ग्रुप में भी ग्रुप बन जाते हैं, कभी कोई नाराज हो जाता है,पर अपने विजयंत ग्रुप में पता नहीं क्या है कि सब व्यवस्थित, प्रेममय और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होता रहता है।
मैने संजय जी को जवाब दिया कि परम पिता परमेश्वर की असीम अनुकम्पा, विजयंत स्काउट ग्रुप के संस्थापक गुरुवर स्वर्गीय प्रकाश जी दिसोरिया और संरक्षक स्वर्गीय श्यामदास जी अग्रवाल "भैयाजी" का सदा साथ रहने वाला आशीर्वाद, हम सभी के परिवारजनों, मित्रों और ग्रुप से जुड़े सैकड़ो सैकड़ों बाल गोपालों की, उनके अभिभावकों की सद्भावना और दुआओं का प्रतिफल है कि विजयंत स्काउट ग्रुप से जुड़े 5 वर्ष के बच्चों से लेकर 85 वर्ष तक के युवा सभी यहां हमेशा सकारात्मक विचारों से ओतप्रोत रहते हुए अपने चारों ओर एक प्रेमिल स्नेहिल और एक दूसरे की परवाह करने वाली सृष्टि का निर्माण करते है और यही कारण है कि ग्रुप में व्यतीत किया गया हर पल आनंददायक और अविस्मरणीय होता है और यह परिवार बढ़ता बढ़ता और बढ़ता चला जाता है🙏.....
इस बाइक एक्सपीडिशन में शामिल विजयंत ग्रुप के साथीगण:
श्रीमती मंजू संग श्री अशोक जी खासगीवाल
श्रीमती किरण संग श्री ललित जी कोटिया
श्रीमती संगीता संग श्री गोपाल जी दरियानी
श्रीमती जया संग श्री राजीव जी अग्रवाल
श्रीमती सविता संग श्री रवि जी गुप्ता
श्रीमती निशा संग श्री रमेश जी प्रजापत
श्रीमती ऋतु संग श्री राजेश जी अग्रवाल
श्रीमती जास्मिन संग श्री संजय जी कोठारी
श्रीमती रश्मि संग श्री संजय जी गोयल
श्रीमती रिया संग श्री मुकेश जी राजानी
श्रीमती शिखा संग श्री विजय जी बियानी
श्रीमती श्वेता संग श्री मनीष जी जैन
श्रीमती कीर्ति संग श्री संदीपन जी आर्य
श्रीमती जयश्री संग श्री तरुण जी मिश्र
श्रीमती सुमन श्री जितेंद्र जी जैन
श्रीमती काजल संग श्री गोपाल जी ज्ञानचंदानी
श्रीमती तरूणा संग श्री अक्षय जी होलकर
श्रीमती सोनल संग श्री सुनील जी चौहान
श्रीमती मीनाक्षी संग श्री सुमित जी बाबेल
श्री जितेंद्र जी कोचर
श्री विपुल कीर्ति जी शर्मा
श्री भारत जी शर्मा
श्री अंकुर जी साहू
श्री मुकेश जी शर्मा
श्री संजय जी गोस्वामी
श्री पंकज जी कोचर
श्रीमती स्मिता संग श्री कुणाल मिश्र











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